टेस्टोस्टेरोन कम होने के 9 लक्षण

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About Dr. Nagender Kumar

Urologist, Sex counselor

टेस्टोस्टेरोन एक हॉरमोन है जो मानव शरीर बनाता है। यह पुरुषों में मुख्यतः अंडकोषों में उत्पादित होता है और पुरुष की कद-काठी और सेक्स विकास पर प्रभाव डालता है। यह शुक्राणु उत्पादन और पुरुष कामेच्छा को भी उत्प्रेरित करके माँसपेशियों तथा हड्डियों के बनने में भी मदद करता है। अमेरिकन यूरोलॉजिकल असोशिएशन के अनुसार 60 साल से अधिक उम्र के 10 में से 2 पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन कम पाया जाता है। 70 या 80 से ज्यादा उम्र वालों में यह संख्या बढ़कर 10 में से 3 हो जाती है।

यदि पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन एक स्तर से कम हो जाए तो कई तरह के लक्षण परिलक्षित हो सकते हैं। यू. एस. फूड एंड ड्रग एड्मिनिसट्रेशन के अनुसार खून में टेस्टोस्टेरोन का स्तर 300 नैनोग्राम प्रति डेसीलीटर (एनजे/डीएल) से कम हो जाने पर इसे टेस्टोस्टेरोन की कमी या लो-टी माना जाता है। शरीर में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा सीरम टेस्टोस्टेरोन नामक एक टेस्ट से मापी जाती है।

यदि शरीर में टेस्टोस्टेरोन स्तर सामान्य से नीचे हो जाए तो कई तरह के लक्षण परिलक्षित हो सकते हैं। लो-टी के लक्षण धीमे-धीमे आ सकते हैं। पुरुषों में लो-टी के लक्षणों के बारे में और जानने के लिए आगे पढ़ें।

1. कामेच्छा में कमी

पुरुषों की कामेच्छा (सेक्स-ड्राइव) में टेस्टोस्टेरोन का अहं रोल होता है। कुछ पुरुषों में उम्र के साथ कामेच्छा में कमी देखी जाती है लेकिन लो-टी वाले पुरुषों की सेक्स करने की इच्छा में गिरावट बहुत तेज गति से देखी जाती है।

2. खड़े होने में परेशानी

टेस्टोस्टेरोन से पुरुष की कामेच्छा उत्प्रेरित तो होती ही है, यह अच्छे स्तंभन करने और उसे मेनटेन करने के लिए भी आवश्यक होता है। टेस्टोस्टेरोन स्वयं स्तंभन नहीं करता लेकिन यह मस्तिष्क में नाइट्रिक ऑक्साइड उत्पादित करने वाले रिस्पेटर्स को उत्प्रेरित करता है। नाइट्रिक ऑक्साइड ऐसा पदार्थ है जो स्तंभन के लिए जरूरी रासायनिक प्रक्रियाओं की एक पूरी श्रंखला को शुरू करता है। यदि टेस्टोस्टेरोन स्तर बहुत कम हो तो पुरुष को सेक्स के पहले खड़े करने में समस्या हो सकती है या फिर उसका अनचाहे तरीके से खड़ा हो सकता है (जैसे सोते समय)।

लेकिन टेस्टोस्टेरोन अच्छे स्तंभन के लिए आवश्यक कारकों में से एक है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन के इलाज में टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट के रोल के बारे में शोध के निष्कर्ष अनिर्णायक रहे है। स्तंभन की समस्या से ग्रस्त लोगों पर टेस्टोस्टेरोन के लाभों के बारे में किए गए शोधों ने दर्शाया कि लगभग आधे लोगों को टेस्टोस्टेरोन ट्रीटमेंट से कोई फायदा नहीं हुआ। कई बार ठीक से खड़े न होने के पीछे अन्य समस्याओं का ज़्यादा हाथ होता है। इनमें शामिल हो सकती हैं।

  • मधुमेह
  • थायरोइड के विकार
  • उच्च रक्तचाप
  • उच्च कॉलेस्ट्रोल
  • धूम्रपान
  • शराब पीना
  • डिप्रेशन
  • तनाव
  • एनज़ायटी

3. धातु की मात्रा में कमी

टेस्टोस्टेरोन धातु के उत्पादन में एक मुख्य भूमिका अदा करता है। धातु एक सफ़ेद दूध जैसा पदार्थ होता है जिसमें शुक्राणु तैरते हैं। लो-टी वाले पुरुषों में पतन के दौरान धातु की मात्रा कम हो जाती है।

4. बाल झड़ना

टेस्टोस्टेरोन शरीर की कई प्रक्रियाओं पर प्रभाव डालता है जिसमें बालों का उगना भी शामिल है। पुरुषों में गंजपान उम्र बढ़ने की निशानी होता है और उसके पीछे आनुवांशिक कारण तो होते ही हैं लेकिन लो-टी वाले पुरुषों के सिर के और चेहरे के बाल बाल तेजी से झड़ सकते है।

5. थकान

लो-टी वाले पुरुषों को अत्यधिक थकान और ऊर्जा स्तर में कमी महसूस हो सकती है। यदि पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आप हमेशा थके रहते हैं या आपमें व्यायाम करने की हिम्मत न हो तो हो सकता है आपका टेस्टोस्टेरोन स्तर कम हो।

6. माँसपेशियों की मात्रा में कमी

चूंकि टेस्टोस्टेरोन मांसपेशियों के निर्माण में एक मुख्य भूमिका निभाता है, लो-टी वाले पुरुषों में माँसपेशियों की मात्रा कम हो सकती है। शोधों ने दर्शाया है कि टेस्टोस्टेरोन माँसपेशियों की मात्रा पर प्रभाव डालता है लेकिन उनकी ताकत या प्रक्रिया पर नहीं।

7. शरीर में वसा की मात्रा बढ़ जाना

लो-टी वाले पुरुषों के शरीर में वसा की मात्रा बढ़ सकती है। कई बार इनमें गायनेकोमासटिया, या स्तन ऊतकों में बढ़त भी देखी जाती है। ऐसा माना जाता है कि ऐसा पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन हॉरमोन्स के असंतुलन के कारण होता है।

8. हड्डियों की मात्रा में कमी

आस्टिओपरोसिस, या हड्डियों का पतला हो जाना, एक ऐसा रोग होता है जो महिलाओं में ज़्यादा पाया जाता है लेकिन लो-टी वाले पुरुष भी इससे ग्रस्त हो सकते हैं। टेस्टोस्टेरोन हड्डियों के निर्माण और उनकी मजबूती में मदद करता है। यही कारण है कि लो-टी वाले पुरुष, खासकर अधिक उम्र के लोगों की हड्डियाँ पतली होती हैं और उन्हें फ्रेक्चर होने की संभावना ज़्यादा होती है।

9. मूड में बदलाव

लो-टी वाले पुरुष अपने मूड में बदलाव महसूस कर सकते हैं। चूंकि टेस्टोस्टेरोन शरीर की कई प्रक्रियाओं पर असर डालता है, यह मूड और मानसिक क्षमताओं को भी प्रभावित करता है।

शोध दर्शाते हैं कि लो-टी से ग्रस्त पुरुषों में डिप्रेशन, चिड़चिड़ाहट या एकाग्रता में कमी आम होती है।

दृष्टिकोण

रजोनिवृत्ति होने पर महिलाएँ हॉरमोन स्तरों में अचानक कमी महसूस करती हैं लेकिन पुरुषों का टेस्टोस्टेरोन स्तर समय के साथ धीरे-धीरे कम हो सकता है। आदमी की उम्र जितनी ज़्यादा होगी, उसका टेस्टोस्टेरोन स्तर सामान्य से कम होने की संभावना उतनी ही ज़्यादा होगी। टेस्टोस्टेरोन स्तर 300 एनजी/डीएल से कम होने पर पुरुषों में इसके कुछ लक्षण देखने मिल सकते हैं। आपके डॉक्टर एक ब्लड-टेस्ट करवा कर आवश्यकतानुसार आपका इलाज कर सकते हैं और आपसे टेस्टोस्टेरोन दवाओं के फायदे और नुक्सानों के बारे में भी चर्चा कर सकते हैं।

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