वीर्य क्या है और वीर्य कैसे बनता है?

About Dr. Nagender Kumar

Urologist, Sex counselor

मर्दों में लिंग के खड़े होने के समय और पानी छूटने के समय जो तरल पदार्थ निकलता है उसे वीर्य कहते हैं. यह प्रोस्टेट ग्रंथि एवं अन्य प्रजनन अंगों से शुक्राणुओं और तरल पदार्थों के संयोग से बनता है. आमतौर पर वीर्य गाढ़ा सफेद होता है, यद्यपि विभिन्न कारणों के चलते इसके रंग एवं गुणवत्ता में बदलाव भी आ जाते हैं. अगर आपका वीर्य पतला है तो इसका यह तात्पर्य होता है कि आपके वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम है, ऐसे में आपकी प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है. अगर आप भी पतले वीर्य की समस्या से ग्रसित हैं तो इसमें परेशान होने की जरूरत नहीं है. आज हम आपको वीर्य के बारे में सब कुछ बताएंगे कि वीर्य क्या है, कैसे बनता है, वीर्य के पतलेपन को कैसे दूर करें, और इसे कैसे गाढ़ा बनाएं? इन सभी प्रयोगों में हम घरेलू नुस्खों की बात करेंगे.

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  1. वीर्य क्या है – What is semen in Hindi
  2. वीर्य कैसे बनता है – How is semen produced in hindi
  3. वीर्य पतला होने के कारण – Causes of watery semen in Hindi
  4. वीर्य को गाढ़ा करने के उपाय व घरेलू नुस्खे – Home remedies to thicken semen in Hindi

वीर्य क्या है – What is semen in Hindi

मर्दों में चरमोत्कर्ष के समय लिंग से एक तरल पदार्थ निकलता है, इसी तरल पदार्थ को वीर्य कहा जाता है. यह पुरुषों की यौन ग्रंथियों से स्रावित होता है. इसमें शुक्राणुओं की अच्छी संख्या होती है. शुक्राणुओं के अलावा इसमें और भी कई तत्व मिले होते हैं जैसे कि एंजाइम्स, फ्रक्टोज (Fructose/ फलो से प्राप्त होने वाली शर्करा), प्रोटियोलिटिक (Proteolytic/ एक ख़ास एंजाइम्स जो प्रतिरक्षा प्रणाली को अच्छा बनाता है). इन सभी के मेल से वीर्य उच्च कोटि का बनता है जिससे प्रजनन क्षमता में वृद्धि होती है.

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वीर्य कैसे बनता है – How is semen produced in hindi

वीर्य पुटिका (Semen vesicles) व प्रोस्टेट ग्रंथि की मदद से वीर्य बनता है. वीर्य पुटिका में 65 से 70% तक वीर्य बनता है, साथ ही चिपचिपे फ्रक्टोज का निर्माण भी होता है. इस प्रक्रिया के बाद में प्रोस्टेट ग्रंथि में बना सफेद रंग का तरल पदार्थ इसमें मिल जाता है. प्रोस्टेट ग्रंथि से निकले इस तरह पदार्थ में सिट्रिक एसिड, लिपिड और फॉस्फेट मिला होता है. इस मेल के होने के बाद में ही वीर्य संपूर्ण रूप से तैयार होता है. साथ ही साथ बल्बोरेथ्रल ग्रंथि (Bulbourethral gland) भी एक तरल पदार्थ को बनाती है. यह योनि एवं गर्भाशय ग्रीवा में मौजूद शुक्राणु कोशिकाओं की गति को बढ़ाने में मदद करता है. वीर्य में इस तरह पदार्थ की मात्रा 1% से भी कम होती है.

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वीर्य निम्नलिखित तत्वों के मिश्रण से मिलकर बनता है.

  • फ्रक्टोज (Fructose)
  • जस्ता (Zinc)
  • कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) (अधिक जानकारी प्राप्त करें – कोलेस्ट्रॉल का इलाज)
  • प्रोटीन (Protein)
  • कैल्शियम (Calcium)
  • क्लोरीन (Chlorine)
  • रक्त समूह एंटीजन (Blood group antigens)
  • सिट्रिक एसिड (Citric acid)
  • डीएनए (DNA) (और पढ़ें – डीएनए टेस्ट कैसे किया जाता है)
  • मैग्नीशियम (Magnesium)
  • विटामिन बी12 (Vitamin B12)
  • फास्फोरस (Phosphorus)
  • सोडियम (Sodium)
  • पोटैशियम (Potassium)
  • यूरिक अम्ल (Uric acid) (और पढ़ें – यूरिक एसिड का इलाज)
  • लैक्टिक एसिड (Lactic acid)
  • नाइट्रोजन (Nitrogen)
  • एस्कॉर्बिक एसिड (Ascorbic acid)
  • अन्य पोषक तत्व (Other nutrients)

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वीर्य पतला होने के कारण – Causes of watery semen in Hindi

आज के समय में वीर्य का पतला होना एक आम समस्या बन चुकी है. इस समस्या से न जाने कितने पुरुष परेशान है. इस समस्या के प्रमुख कारण निम्न प्रकार से हैं.

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1. शुक्राणुओं की संख्या में कमी – शुक्राणुओं की संख्या में कमी का होना वीर्य के पतले होने का प्रमुख कारण है. इसे अल्पशुक्राणुता (Oligospermia) के नाम से भी जाना जाता है. वीर्य में शुक्राणुओं की सामान्य संख्या होती है, डॉक्टर के अनुसार 1 मिलीलीटर वीर्य में करीब 15 करोड़ शुक्राणु मौजूद होते हैं. अगर वीर्य में इससे कम शुक्राणु होते हैं तो उसे शुक्राणु की कमी के रूप में देखा जाता है. अल्पशुक्राणुता (Oligospermia) निम्न कारणों की वजह से हो सकती है.

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2. वैरीकोसेल (Varicocele) – इस समस्या में अंडकोष व अंडकोषीय थैली की नसों में सूजन आ जाती है. इस समस्या के चलते मर्दों की प्रजनन क्षमता बुरे तरीके से प्रभावित होती है. चिकित्सा के इस आधुनिक दौर में इस समस्या का इलाज अच्छे तरीके से किया जा सकता है. (और पढ़ें – सूजन कम करने के उपाय)

3. संक्रमण – यौन संबंधों के माध्यम से फैलने वाले रोग ( STD) जैसे गोनोरिया या कोई अन्य संक्रमणीय तत्व भी प्रजनन अंगों में सूजन होने का कारण बन सकता है. संक्रमणीय तत्वों के चलते भी अंडकोष में सूजन आ जाती है. (और पढ़ें – गुप्त रोग का इलाज)

4. – ट्यूमर – अंडकोष में मैलिग्नेंट (Malignant) व बिनाइन (Benign) ट्यूमर के चलते भी शुक्राणुओं की बनने की क्षमता जो होती है वह बुरे तरीके से प्रभावित होती है. (अधिक जानकारी प्राप्त करें – अंडकोष में सूजन का इलाज)

5. हार्मोन्स का असंतुलित होना – अगर अंडकोष में पिट्यूटरी ग्रंथि में बनने वाले हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं तो इससे शुक्राणुओं की संख्या में भारी कमी आ जाती है. (और पढ़ें – टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के उपाय)

6. प्रतिरक्षा तंत्र द्वारा शुक्राणुओं के विपरीत एंटीबॉडी का बनाया जाना. (और पढ़ें – शुक्राणु की जांच कैसे करते हैं)

7. शुक्राणु को वीर्य तक लाने वाली नसों में क्षति का होना या फिर किसी अन्य समस्या का होना. (अधिक जानकारी प्राप्त करें – वृषण में दर्द का कारण)

8. रोज स्खलन का किया जाना – अगर आप नियमित रूप से अपने वीर्य को निकालते हैं तो इससे भी आपका वीर्य पतला हो सकता है. अगर आप 1 दिन में कई बार सेक्स या हस्तमैथुन करते हैं तो इससे वीर्य की गुणवत्ता प्रभावित होती है और पहली बार के बाद में वीर्य धीरे-धीरे पतला होने लगता है. शरीर को वीर्य को फिर से बनाने में कुछ घंटे का समय लगता है. एक निश्चित समय अंतराल के बाद में ही वीर्य फिर से प्रारम्भिक स्वरूप में बन पाता है. (अधिक जानकारी प्राप्त करें – फोरप्ले क्या है)

9. जस्ता (Zinc) की कमी – वीर्य के पतले होने के कारण में जिंक की कमी को भी एक महत्वपूर्ण कारण के रूप में देखा जाता है. एक शोध से पता चला है कि पुरुषों के शरीर में एक निश्चित मात्रा में उपलब्ध होता है और यदि शरीर में जिंक के स्तर में कमी आती है तो शुक्राणुओं की संख्या भी उतनी ही घट जाती है. जिस एंटीबॉडी के चलते शुक्राणुओं की संख्या में कमी आती है अगर आप उस एंटीबॉडी को कम करना चाहते हैं तो इसके लिए जिंक सल्फेट का सेवन कर सकते हैं. (अधिक जानकारी प्राप्त करें – बांझपन का इलाज)

10. शीघ्रपतन- ये पतले वीर्य के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है. कई बार ऐसा भी देखा गया है कि फोरप्ले के दौरान ही वीर्य निकल जाता है. इस निकले हुए वीर्य में भी शुक्राणु मौजूद होते हैं जिससे वीर्य की गुणवत्ता प्रभावित होती है.

(अधिक जानकारी प्राप्त करें – अच्छे सेक्स के लिए व्यायाम)

वीर्य को गाढ़ा करने के उपाय व घरेलू नुस्खे – Home remedies to thicken semen in Hindi

कई शोधों में इस बात को बतलाया गया है कि अगर आपका भी वीर्य गाढ़ा एवं सफेद है तो आपका वीर्य स्वस्थ वीर्य के रूप में गिना जाएगा. वहीं अगर आपका वीर्य पतला और पानी की तरह है तो इसे वीर्य में शुक्राणुओं की कमी के रूप में देखा जाएगा. पुरुषों का वीर्य गाढ़ा एवं सफेद होना उनकी मर्दानगी की ताकत को भी दर्शाता है. आज के इस युग में वीर्य के पतले होने की समस्या से हर कोई परेशान है. लेकिन निराश होने की जरूरत नहीं है आप इस समस्या को घरेलू देसी नुस्खों के माध्यम से भी आसानी से ठीक कर सकते हैं. नीचे वीर्य को गाढ़ा करने के घरेलू उपायों के बारे में अच्छे से बताया जा रहा है.

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1. व्यायाम से वीर्य को गाढ़ा करें- कुछ शोधों से ऐसा पता चला है कि अगर आप वजन को कम करने वाले व्यायाम को करें तो इससे आपके शुक्राणुओं की संख्या में भी वृद्धि होती है. इसके साथ ही साथ अध्ययनों से यह भी पता चला है कि 1 सप्ताह के दौरान कम से कम 15 घंटे व्यायाम करने से न सिर्फ आपकी मांसपेशियों का स्वास्थ्य अच्छा होता है बल्कि वीर्य में मौजूद शुक्राणुओं की संख्या में भी वृद्धि होती है. (अधिक जानकारी प्राप्त करें – व्यायाम करने का सही समय)

2.तनाव से बचें- किसी भी तरह का तनाव शरीर पर नकारात्मक असर डालता है. चुनाव के चलते मांसपेशियां थक जाती हैं और शरीर के स्तर में भी कमी आ जाती है. तनाव से ग्रसित व्यक्ति थक जाता है जिसके चलते प्रजनन क्षमता पर ध्यान नहीं जा पाता. इस मामले में विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आप सबसे पहले चुनाव के कारणों को पहचाने जिससे कि आप उन कारणों से अपने आप को बचा सके. साथ ही भोजन विशेषज्ञ इस बात की भी सलाह देते हैं कि आप अपने भोजन में ऐसे आहारों को शामिल करें जो तनाव को दूर रखने में आपकी मदद करते हैं. आप योग के माध्यम से भी अपने तनाव को कम कर सकते हैं. (अधिक जानकारी प्राप्त करें – तनाव के लिए योग)

3.अश्वगंधा की मदद से वीर्य को गाढ़ा करें- भारत की संस्कृति में प्राचीन समय से अश्वगंधा के प्रयोग का वर्णन मिलता रहा है. इस खास औषधि को भारत में जिनसेंग (Ginseng) के वैकल्पिक नाम से भी जाना जाता है. आयुर्वेद के ग्रंथों में यौन रोगों के इलाज के लिए इसका बहुत बार प्रयोग किया गया है. वर्ष 2016 में 46 शुक्राणुओं की कमी से परेशान मर्दों पर हुए एक अध्ययन हुआ. इसमें उन्हें हर दिन 675 मिलीग्राम अश्वगंधा दिया गया . 90 दिनों के बाद जब इन पुरुषों के वीर्य की जांच की गई तो उसमें 165% तक की वृद्धि दर्ज की गयी. इसलिए अश्वगंधा को वीर्य को अच्छा करने एवं शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाने के लिए कारगर माना जाता है. (अधिक जानकारी प्राप्त करें – पुरुषों के यौन रोग का सामधान)

4. कद्दू व सूरजमुखी के बीजों से अपने वीर्य को गाढ़ा बनाएं – अगर आप अपने वीर्य को गाढ़ा बनाना चाहते हैं तो आपको नियमित रूप से सूरजमुखी एवं कद्दू के बीजों का सेवन करना चाहिए. इसके लिए आप एक चौथाई कप सूरजमुखी व कद्दू के बीजों का नियमित रूप से सेवन कर सकते हैं. एक माह तक लगातार इस प्रयोग को करने से आपका वीर्य गाढ़ा हो जाएगा और प्रजनन क्षमता में भी बढ़ोतरी होगी.

5. विटामिन डी और कैल्शियम का सेवन- विभिन्न वैज्ञानिक शोधों से इस बात की पुष्टि हुई है कि विटामिन डी और कैल्शियम की मदद से वीर्य के पतलेपन की समस्या सही हो सकती है. वहीं कुछ अन्य डॉक्टरों ने जो शोध किए हैं उनसे यह भी पता चलता है कि विटामिन डी और कैल्शियम वीर्य की गुणवत्ता बढ़ाने में भी बहुत ही कारगर होते हैं. इसलिए अगर आप के भोजन में विटामिन डी के स्रोतों की कमी है तो इसके चलते आपके वीर्य की गुणवत्ता घट सकती है और इसमें शुक्राणुओं की संख्या भी कम हो सकती है. (अधिक जानकारी प्राप्त करें – महिलाओं की यौन समस्याएं)

6. एंटीऑक्सीडेंट से परिपूर्ण खाद्य पदार्थ- ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें एंटी-ऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, वे हमारे शरीर को स्वस्थ रखते हैं. एंटी-ऑक्सीडेंट के सेवन से कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स खत्म हो जाते हैं. बहुत सारे विटामिन और खनिज पदार्थ एंटी-ऑक्सीडेंट की तरह ही कार्य करते हैं. डॉक्टरों द्वारा किए गए कई शोधों से यह भी पता चलता है कि एंटीऑक्सीडेंट से वीर्य संबंधित समस्याएं कम हो जाती है और शुक्राणुओं की संख्या में तेजी से इजाफा होता है. (अधिक जानकारी प्राप्त करें – ऑर्गेज्म क्या है)

निम्नलिखित एंटी-ऑक्सीडेंट के माध्यम से वीर्य को स्वस्थ रखा जा सकता है.

  1. ग्लूटेथिओन (Glutathione)
  2. सेलेनियम (Selenium)
  3. विटामिन ई (Vitamin E)
  4. विटामिन सी (Vitamin C)
  5. कोएंजाइम क्यू10 (Coenzyme Q10)
  6. आई-कार्निटाइन (I-carnitine, अधिक जानकारी प्राप्त करें – विटामिन के फायदे)
  7. स्वस्थ वसा का सेवन करें – पॉलीअनसैचुरेटेड वसा (Polyunsaturated fats) को स्वस्थ वसा की संज्ञा दी जाती है. वसा दो प्रकार की होती है जिनमें से एक वसा मानव शरीर के लिए स्वास्थ्यकारी होती है वहीं दूसरी वसा मानव शरीर के लिए हानिकारक होती है. पॉलीअनसैचुरेटेड वसा को वसा का अच्छा रूप माना जाता है, इससे मानव शरीर को कोई भी क्षति नहीं पहुंचती है. ओमेगा-3 एवं ओमेगा-6 वीर्य को बनाने में मददगार साबित होते हैं. अलसी के बीज, अखरोट, बेरी, राई के तेल और बीन्स में ओमेगा-3 के लाभकारी गुण होते हैं, वहीँ ओमेगा-6 मूंगफलीजैतून के तेल और तिल के बीजों में प्रचुर मात्रा में मिलता है. (अधिक जानकारी प्राप्त करें – लिंग को मोटा करने का तरीका)
  8. वीर्य को गाढ़ा बनाने वाले खाद्य पदार्थ – कुछ खास भोज्य पदार्थों के माध्यम से आप अपने वीर्य को गाढ़ा बना सकते हैं. इन ख़ास पदार्थों में दहीबादामलहसुनअनारराजमाग्रीन टीकेलानींबू, साबुत अनाज , दालें, डार्क चॉकलेटदूध वाले पदार्थ और हल्दी आदि शामिल हैं.

(अधिक जानकारी प्राप्त करें – महिलाएं पुरुषों से क्या चाहती हैं)

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