स्तंभन दोष (ठीक से खड़ा न होना) के लिए 6 प्राकृतिक इलाज

स्तंभन दोष या अँग्रेजी में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) को नामर्दी भी कहा जाता है। इस बीमारी में मर्द सेक्स के समय ठीक से खड़ा नहीं कर पाता या फिर खड़े होने पर उसे मेनटेन नहीं कर पाता। इसके लक्षणों में कामेच्छा या काम वासना का कम हो जाना भी शामिल हो सकते हैं। यदि ऐसा लगातार कुछ हफ्तों या महीनों से चल रहा हो तो आपके डॉक्टर स्तंभन दोष की पुष्टि कर देते हैं। अमेरिका में लगभग 3 करोड़ पुरुष स्तंभन दोष से ग्रस्त हैं।

स्तंभन दोष क्या है?

मानक रूप से स्तंभन दोष के इलाजों में डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाएँ, वैक्यूम पंप, इंप्लांट, और ऑपरेशन शामिल होते हैं लेकिन अधितकर लोग प्राकृतिक इलाज ज़्यादा पसंद करते हैं। शोध से पता चला है कि कुछ खास प्राकृतिक विकल्प स्तंभन दोष के लक्षणों में आराम दे सकते हैं। शोधों से प्रमाणित प्राकृतिक उपायों के बारे में जानने के लिए आगे पढ़ें।

1. पैनेक्स जिन्सेंग

पैनेक्स जिन्सेंग (लाल जिन्सेंग) को हर्बल वायग्रा भी कहा जाता है और शोध इसके नतीजो की पुष्टि करते हैं। शोधकर्ताओं ने 2008 में लाल जिन्सेंग और स्तंभन दोष पर किए गए सात शोधों की समीक्षा की जिनमें इसकी खुराक दिन में तीन बार 600 से 1,000 मिलीग्राम (मिग्रा) तक दी गई थी। उन्होने यह निष्कर्ष निकाला कि “स्तंभन दोष के इलाज में लाल जिन्सेंग की प्रभावशीलता के बारे में सांकेतिक प्रमाण मिले हैं।“

वर्तमान के अधिकतर शोध यह परीक्षण कर रहे हैं कि लाल जिन्सेंग स्तंभन दोष पर कैसे असर डालती है। पैनेक्स जिन्सेंग के सत्त में पाया जाने वाला तत्व जिंसेनोसाइड ही कोशिका के स्तर पर जाकर स्तंभन को बेहतर करते हैं।

पैनेक्स जिन्सेंग का असर उन लोगों में सबसे ज़्यादा प्रभावशाली पाया गया जिनके रक्त में लिपिड की मात्रा ज़्यादा थी और जिन्हें मैटाबॉलिक सिंड्रोम था। यह ज्ञात है कि यह औषधि एंटी-इन्फ़्लेमेटरी प्रभाव डालती है, फेंफ़ड़ों का कार्यकलाप बेहतर करती है और अन्य बीमारियों में रक्त के प्रवाह को बेहतर करती है – ये सभी गुण ही स्तंभन दोष को ठीक करने में मददगार होते हैं।

2. र्होडिओला रोसिया

एक लघु शोध ने यह संकेत दिया था कि र्होडिओला रोसिया से फायदा हो सकता है। 35 में से छब्बीस पुरुषों को तीन महीने तक इसकी 150 से 200 मिलीग्राम मात्रा दी गई। इन लोगों ने कामक्रिया में बहुत अच्छी बेहतरी महसूस की। यह देखा गया है कि यह औषधि ऊर्जा बढ़ाती है और थकान कम करती है। इसके प्रभाव को समझने और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए और शोधों की आवश्यकता है।

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डीएचईए

डीहाइड्रोएपिआंड्रोस्टेरोन (डीएचईए) एक प्राकृतिक हॉरमोन है जो हमारे शरीर की एड्रेनल ग्रंथियों में उत्पादित होता है। यह एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन दोनों में बदल सकता है। वैज्ञानिक जंगली यैम और सोया से डाइटरी सप्लिमेंट बनाते हैं।

प्रसिद्ध मैसाच्युसेट्स पुरुष आयुवृद्धि शोध ने दर्शाया कि स्तंभन दोष से ग्रस्त पुरुषों में डीएचईए का स्तर कम होने की संभावना होती है। 2009 में स्तंभन दोष से ग्रस्त 40 लोगों ने एक और शोध में हिस्सा लिया जिसमें आधे लोगों को छः माह तक दिन में एक बार 50 ग्राम डीएचईए दिया गया और बाकी लोगों को प्लासीबो (कहना लेकिन असली दवा न देना)। जिन लोगों ने डीएचईए लिया था उनमें ठीक से खड़ा होने और उसे मेनटेन करने की संभावना काफी बढ़ गई थी।

हाल ही में डीएचईए को उन पुरुषो में स्तंभन दोष के इलाज के एक विकल्प के रूप में पहचाना गया है जिन्हें मधुमेह की शिकायत है। स्तंभन दोष आम तौर पर इन लोगों को ज़्यादा होता है क्योंकि शरीर में हॉरमोनल गड़बड़ियाँ तथा मधुमेह की जटिलताएँ अंगों में रक्त प्रवाह में गड़बड़ी उत्पन्न करती हैं।


4. एल-आर्जिनिन

एल-आर्जिनिन एक अमीनो एसिड है जो आपके शरीर में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इससे नाइट्रिक ऑक्साइड बनाने में मदद मिलती है। नाइट्रिक ऑक्साइड रक्त की धमनियों को आराम देकर ठीक से खड़ा होने में मदद करता है और सामान्य काम क्रिया के लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण पदार्थ है।

शोधकर्ताओं ने एल-आर्जिनिन के स्तंभन दोष पर प्रभावों की जाँच की। स्तंभन दोष से ग्रस्त इकत्तीस प्रतिशत लोगों ने रोज 5 ग्राम एल-आर्जिनिन ली और कामक्रिया में अच्छी बेहतरी का अनुभव किया।

एक दूसरे शोध ने दर्शाया कि एल-आर्जिनिन को पेड़ों की छाल से बने पिक्नोगीनोल नाम के पदार्थ के साथ लेने से दो माह के अंदर 80 प्रतिशत प्रतिभागियों की कामक्रिया की सक्षमता वापस आ गई। तीन माह बाद बयानवे प्रतिशत लोगों ने अपनी कामेच्छा वापस पा ली थी।

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एक और प्लासीबो-नियंत्रित शोध ने पाया कि दूसरी दवाओं के साथ एल-आर्जिनिन लेना काफी सुरक्षित था और यह हल्के स्तंभन दोष में बहुत प्रभावशाली साबित हुआ।

5. एक्यूपंचर

हालांकि शोधों के नतीजे मिश्रित हैं लेकिन अधितकर शोध स्तंभन दोष में अक्यूपंचर से सकारात्मक प्रभाव होना ही दर्शाते हैं। उदाहरण के तौर पर, 1999 में किए गए एक शोध ने पाया कि एक्यूपंचर ने 39 प्रतिशत प्रतिभागियों की स्तंभन की गुणवत्ता अच्छी कर दी और कामक्रिया वापस ठीक कर दी।

बाद में 2003 में प्रकाशित एक शोध ने रिपोर्ट किया कि एक्यूपंचर पाने वाले स्तंभन दोष के 21 प्रतिशत मरीजों के स्तंभन बेहतर हो गए। अन्य शोधों ने मिश्रित नतीजे दिखाएँ हैं लेकिन इस उपाय में यह संभावना है कि यह आपके लिए काम कर जाएगा।

यदि आप किसी लाइसेंसी एक्यूपंचर विशेषज्ञ से एक्यूपंचर लेते हैं तो इसमें जोखिम कम होता है। एक्यूपंचर ने स्तंभन दोष के निवारण में काफी सकारात्मक नतीजे दिखाएँ हैं लेकिन और शोधों की आवश्यकता है।

6. योहिम्बे

इस सप्लिमेंट को अफ्रीकन योहिम्बे पेड़ की छाल से निकाला जाता है। कुछ शोधों ने इस दवा के प्रयोग से कामक्रिया पर सकारात्मक प्रभाव दर्शाए हैं।

लेकिन अमेरिकन मूत्ररोग संस्था स्तंभन दोष के लिए योहिम्बे की सलाह नहीं देती। ऐसा इसलिए है कि इसकी प्रभावशीलता के पर्याप्त प्रमाण नहीं देखे गए हैं। इसके साइड-इफ़ेक्ट्स से स्वास्थ्य को नुक्सान भी पहुँच सकता है जिसमें रक्तचाप तथा हृदयगति में वृद्धि और जलन या कंपकपी आदि शामिल हैं।

यदि आप योहिम्बे को आजमा कर देखना चाहते हैं तो अपने डॉक्टर से पहले सलाह लेकर ही ऐसा करें।

अन्य संभाव्य प्राकृतिक उपाय

माना जाता है कि ज़िंक सप्लिमेंट्स (खासकर उन पुरुषों के लिए जिन्हें ज़िंक की कमी हो), औषधि अश्वगंधा (जिसे इंडियन जिन्सेंग भी कहा जाता है), और जिंको बिलोबा ऐसे वैकल्पिक उपाय हैं जिनसे स्तंभन दोष में फायदा होता है लेकिन सुनिश्चित करने के लिए और शोधों की आवश्यकता है।

अपने डॉक्टर से सलाह लें

यदि आपको स्तंभन दोष के लक्षण हों तो किसी भी तरह के उपाय को अपने आप आजमाने के पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। यह इसलिए आवश्यक है कि स्तंभन दोष अन्य बीमारियों का एक लक्षण भी हो सकता है। हृदय रोग या ज़्यादा कॉलेस्ट्रोल होने पर भी स्तंभन दोष के लक्षण सामने आ सकते हैं। आपके डॉक्टर बीमारी की पहचान करके आपको ऐसे उपाय बता सकते हैं जिनसे आपके हृदय के स्वास्थ्य तथा स्तंभन दोष, दोनों में आराम मिलेगा। इनमें कॉलेस्ट्रोल कम करना, अपना वजन घटाना या रक्त धमनियों में जमा हो चुकी चर्बी दूर करने की दवाएँ शामिल हो सकती हैं।

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यदि स्तंभन दोष के पीछे कोई दूसरे कारण न पाए गए हों तो आपके डॉक्टर कुछ सामान्य उपाय बता सकते हैं। लेकिन आप प्राकृतिक नुस्खे भी आजमा सकते हैं – बस ध्यान रखें कि इनके बारे में अपने डॉक्टर से पहले सलाह जरूर ले लें।

आप चाहे जो रास्ता अपनाएँ, यह हमेशा ध्यान रखें कि स्तंभन दोष एक आम बीमारी है जो पूरी तरह ठीक की जा सकती है। कुछ चीजों को आजमा कर देखने से आप अपने लिए ऐसा उपाय जरूर ढूंढ लेंगे जो आप और आपकी पार्टनर के लिए काम कर जाएगा।

यह याद रखना बहुत आवश्यक है कि यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन औषधियों की गुणवत्ता, शक्ति, शुद्धता और पैकेजिंग को नियंत्रित नहीं करती है। यदि आप औषधियाँ लेते हैं तो इन्हें किसी भरोसेमंद स्त्रोत से ही लें।

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